आभासी चंद्र दोलन

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पृथ्वी से देखने पर चंद्रमा में एक दोलन या कम्पन प्रतीत होता है जिसे चंद्र खगोल विज्ञान में आभासी चंद्र दोलन (अंग्रेजी:Lunar Libration) कहा जाता है । इसके कारण पृथ्वी का दर्शक अलग-अलग समय पर चन्द्रमा की सतह के थोड़े से अलग गोलार्द्धों को देखता है । चन्द्रमा की दूरी में परिवर्तन के कारण भी चंद्रमा के आभासी आकार इसी प्रकार के बदलाव दिखाई देतें हैं ।
सन्दर्भ
- J. Derral Mulholland, Eric C. Silverberg (1972). "Measurement of Physical Librations Using Laser Retroreflectors". Earth, Moon, and Planets. 4 (1–2): 155–159. डीओआइ:10.1007/BF00562923. बिबकोड:1972Moon....4..155M.
- Moore, Sir Patrick (2003). Philip's Atlas of the Universe. Foreword by Sir Arnold Wolfendale. Philip's. OCLC 51966591. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-540-08707-5.